Yamuna flood crisis

भारी बारिश और हरियाणा से पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना(Yamuna) नदी खतरे के निशान को पार कर 63 वर्षों में अपने तीसरे सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई है। इसके कारण कई इलाकों में भयंकर बाढ़ आ गई है, जिससे हज़ारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और दैनिक जीवन, परिवहन और सार्वजनिक सेवाएँ बाधित हुई हैं।

Yamuna

यमुना नदी खतरे के निशान 207 मीटर को पार कर गई है, जो पिछले छह दशकों में इसका तीसरा सबसे बड़ा जलस्तर है। दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में लगातार भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण नदी का प्रवाह तेज़ी से बढ़ गया है। हालात बिगड़ते देख, अधिकारियों ने निगमबोध घाट सहित प्रमुख घाटों को बंद कर दिया है और निचले इलाकों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है।

Delhi Flood Crisis: 20,000+ लोग खाली, Relief Camps में मुश्किलें

यमुना नदी के खतरे के निशान 207 मीटर को पार करने के साथ, दिल्ली भर में बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला जा रहा है। यमुना बाज़ार, कश्मीरी गेट, सिविल लाइंस और पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों जैसे निचले इलाकों से 20,000 से ज़्यादा निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

अधिकारियों ने स्कूलों, सामुदायिक भवनों और अस्थायी आश्रय स्थलों में 40 से ज़्यादा राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण जलभराव के कारण कई शिविरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विस्थापित लोगों को पीने के पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बचाव दल जलमग्न घरों में फंसे परिवारों को निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नदी किनारे रहने वाले हज़ारों रेहड़ी-पटरी वालों, किसानों और दिहाड़ी मज़दूरों की आजीविका प्रभावित हुई है।

यह हाल के वर्षों में सबसे बड़े विस्थापनों में से एक है, और अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से और पानी छोड़े जाने की आशंका है, जिससे राजधानी में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ सकती है।

Delhi की Infrastructure पर Flood का असर: Roads, Power, Metro Services ठप

बाढ़ के कारण रिंग रोड और आईटीओ जैसी प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात बाधित हो गया है। बिजली कटौती, क्षतिग्रस्त पानी की पाइपलाइनों और सीवेज के ओवरफ्लो ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। नदी तटों के पास मेट्रो सेवाएं धीमी हो गई हैं और निगमबोध घाट बंद कर दिया गया है। कुल मिलाकर, दिल्ली की परिवहन, बिजली और सफाई व्यवस्था पर भारी दबाव है।

Yamuna at Historic Peak: हज़ारों लोग विस्थापित, दिल्ली का Infrastructure बुरी तरह प्रभावित

यमुना नदी के ऐतिहासिक जलस्तर को पार करने के साथ, बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। यह वृद्धि महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 1960 के दशक के बाद से नदी का तीसरा सबसे ऊँचा शिखर है। नदी के किनारे बसे निचले इलाके गंभीर खतरे में हैं, जिससे हज़ारों लोग विस्थापित हो रहे हैं, स्वास्थ्य संबंधी खतरों का सामना कर रहे हैं और रोज़मर्रा की परेशानियों से जूझ रहे हैं। सड़कों से लेकर श्मशान घाटों तक, आवश्यक सेवाएँ और प्रमुख बुनियादी ढाँचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

निष्कर्ष

यमुना के उफान ने एक बार फिर दिल्ली की चरम मौसम और नाज़ुक शहरी नियोजन के प्रति संवेदनशीलता को उजागर किया है। हज़ारों लोग विस्थापन और अस्त-व्यस्त जीवन से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह संकट भविष्य में इस तरह के बड़े पैमाने पर विनाश को रोकने के लिए दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, मज़बूत बुनियादी ढाँचे और टिकाऊ शहरी नीतियों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

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By Divyay

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