भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताज़ा Winter Forecast में स्पष्ट कर दिया है कि इस साल देश के कई हिस्सों में सर्दी का प्रकोप सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।देश में इस साल बढ़ सकती हैं Cold Wave की मार, विशेष रूप से Northwest India, Central India और आस-पास के मैदानी इलाकों में इस बार Cold Wave Days की संख्या बढ़ सकती है। IMD का कहना है कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुछ राज्यों में ठंड का असर औसत से काफी ज्यादा देखने को मिल सकता है।
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Toggleक्या होते हैं Cold Wave Days?
IMD के अनुसार मैदानी इलाकों में तब Cold Wave Day घोषित किया जाता है जब न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम हो जाए, साथ ही औसत तापमान से 4–6 डिग्री कम दर्ज किया जाए। कई बार तापमान अचानक गिरने पर भी Cold Wave लागू किया जाता है।
इस साल IMD का अनुमान है कि सामान्य 5–6 Cold Wave Days की तुलना में कई क्षेत्रों में यह संख्या 10 तक पहुंच सकती है। यानी ठिठुरन वाली ठंड के लिए लोगों को पहले से तैयार रहना होगा।
किन राज्यों पर सबसे अधिक असर?
🌬️ Stay warm, stay safe! With cold wave conditions setting in, protect yourself and others — layer up, stay indoors during peak chill, and check on the elderly and children. #ColdWave #WinterSafety #NDMA pic.twitter.com/iHsabOYSlp
— NDMA India | राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण 🇮🇳 (@ndmaindia) November 30, 2025
IMD के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत के ये क्षेत्र अधिक प्रभावित हो सकते हैं:
Haryana
Punjab
Rajasthan
Uttar Pradesh
Madhya Pradesh
Delhi NCR
इन राज्यों में रात और सुबह के तापमान तेज़ी से गिरेंगे, जिससे कई दिनों तक लगातार ठंड बनी रह सकती है। खासकर Haryana और Rajasthan में कुछ हिस्सों में नवंबर के महीने से ही हल्का cold spell शुरू हो चुका है, और दिसंबर के पहले सप्ताह में एक और cold wave spell आने का अनुमान है।
साल 2025-26 में क्यों बढ़ सकता है ठंड का प्रकोप?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल सर्दी बढ़ने की एक बड़ी वजह weak La Niña conditions हो सकती हैं। La Niña के दौरान प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिसका असर भारत के मौसम पर भी दिखाई देता है। ऐसे वर्षों में भारत के उत्तरी और मध्य भागों में ज्यादा ठंड पड़ती है।
साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों — विशेषकर Himalayan Region — में तापमान सामान्य या कुछ जगहों पर थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन मैदानी भारत में ठंड का असर ज्यादा होगा। IMD ने यह भी बताया है कि कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में below-normal trend देखने को मिलेगा।
जन-जीवन पर असर
तेज़ पड़ने वाली ठंड का असर स्वास्थ्य, यातायात, कृषि और दैनिक जीवन पर पड़ेगा।
सुबह के समय dense fog बढ़ने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकते हैं।
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
ठंड बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ेगी और कई शहरों में heating devices पहले से इस्तेमाल में आ सकते हैं।
खेतीबाड़ी में भी रात के तापमान गिरने का असर पड़ेगा, खासकर गेहूं जैसी rabi crops पर।
लोग कैसे करें तैयारी?
IMD ने नागरिकों को सलाह दी है कि आने वाले महीनों में तापमान में गिरावट तेजी से हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करना ज़रूरी है।
गर्म कपड़े जैसे thermal wear, जैकेट, मफलर और ग्लव्स तैयार रखें।
बच्चों और बुजुर्गों को रात में बाहर जाने से बचाएं।
Room heaters और electric blankets का इस्तेमाल सावधानी से करें।
मौसम विभाग के real-time updates पर नजर रखें।
निष्कर्ष
इस बार की सर्दी सामान्य से अधिक कड़ी हो सकती है। IMD के अनुसार देश के कई हिस्सों में cold wave spells बढ़ेंगे और तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। लोगों और प्रशासन दोनों को इस मौसम का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
यदि आप North India के किसी भी हिस्से — जैसे Delhi, Gurugram, Noida, Jaipur या Lucknow — में रहते हैं, तो आने वाला मौसम आपके लिए ज्यादा ठंडा और लंबा हो सकता है। ठंड बढ़ने से पहले तैयारी कर लेना ही सबसे अच्छा विकल्प है।
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