Shubman Gill की कप्तानी में भारतीय टेस्ट टीम ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अब तक कुल 9 टेस्ट मैचों में टीम का नेतृत्व किया है — जिनमें से 6 में जीत, 1 में हार, और 2 मैच ड्रा रहे हैं।
उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे बल्लेबाज़ी और नेतृत्व, दोनों में समान फोकस रखते हैं। मैदान पर उनका शांत स्वभाव और संयमित फैसले दिखाते हैं कि वे दबाव में भी सोच-समझकर कदम उठाते हैं।
गिल की बॉडी लैंग्वेज में आक्रामकता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास झलकता है — यही गुण उन्हें नई पीढ़ी के कप्तानों में सबसे अलग बनाता है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी उनकी तारीफ़ करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा —
“The Future is Here — Captain Gill continues to inspire India with calm leadership and solid batting.”
यह वाक्य न सिर्फ उनकी कप्तानी की सराहना है, बल्कि एक संकेत भी — कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का नेतृत्व मिल चुका है।
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Toggleशतक जिसने पलट दी मैच की दिशा
भारत ने दिल्ली टेस्ट में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बेहतरीन शुरुआत की। ओपनर शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल की युवा जोड़ी ने टीम को वह स्थिरता दी जिसकी शुरुआत में ज़रूरत थी।
टीम जब शुरुआती विकेटों के बाद थोड़ी धीमी हो रही थी, तभी गिल ने कमान संभाली और अपनी शानदार तकनीक, फुटवर्क और धैर्य से पारी को संभाल लिया।
उन्होंने लगभग 196 गेंदों में 129 नाबाद रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
गिल और जायसवाल के बीच 190 रन की साझेदारी हुई, जिसने मैच का पूरा रुख भारत की ओर मोड़ दिया।
वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ों ने शुरुआती झटके देने की कोशिश की, लेकिन गिल ने हर मौके को झटकते हुए मैदान पर नियंत्रण बनाए रखा।
उनकी पारी ने न सिर्फ भारतीय स्कोर को 518/5 (डिक्लेयर) तक पहुँचाया, बल्कि विरोधी टीम पर मानसिक दबाव भी बढ़ा दिया — यह शतक मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
Shubman Gill के WTC आंकड़े: क्लास और निरंतरता का परफेक्ट मेल
Shubman Gill ने न सिर्फ कप्तानी से बल्कि लगातार रन बनाकर भी अपनी जगह दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में पक्की कर ली है।
World Test Championship (WTC) में उनके आँकड़े यह दिखाते हैं कि वे सिर्फ प्रतिभाशाली नहीं, बल्कि बेहद स्थिर और भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।
| आँकड़ा | विवरण |
|---|---|
| कुल शतक (WTC) | 10 |
| कुल रन (WTC) | 2826 |
| औसत | 56.5 |
| सर्वाधिक स्कोर | 204* |
| कप्तान के रूप में 1000 रन | सिर्फ 14 पारियों में |
इन आंकड़ों के साथ गिल अब WTC इतिहास के पांचवें सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं। उनसे ऊपर केवल Joe Root (21), Steve Smith (13), Kane Williamson (11) और Marnus Labuschagne (11) हैं।
भारत के संदर्भ में देखें तो उन्होंने रोहित शर्मा (9 शतक) और अजिंक्य रहाणे (8 शतक) को पीछे छोड़ दिया है — जो इस बात का सबूत है कि भारतीय क्रिकेट को अब एक नया “Run Machine” मिल चुका है।
Gautam Gambhir बयान — “शुभमन की असली परीक्षा अभी बाकी है"
Gautam Gambhir talks about the leadership qualities in Shubman Gill so far, very logical perspective and understands how Gill has the toughest job along with getting unfair trolls.
— A’ (@ash_says) October 11, 2025
Being thrown in a deep sea, he is now becoming a world-class player 💯
pic.twitter.com/aHIzetlNbG
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ और मौजूदा क्रिकेट मेंटर गौतम गंभीर ने शुभमन गिल की कप्तानी और उनके खेल की जमकर तारीफ़ की है।
हालाँकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि गिल के सामने असली चुनौती अभी आनी बाकी है।
गंभीर ने कहा कि गिल में एक सच्चे लीडर के सभी गुण हैं — शांति, संयम और निरंतरता।
उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभालते हुए जिस परिपक्वता से बल्लेबाज़ी की है, वह उन्हें नई पीढ़ी के कप्तानों में सबसे अलग बनाती है।
“गिल में वह शांति है जो एक लीडर में होनी चाहिए। उन्होंने बल्लेबाज़ी में परिपक्वता दिखाई है।
लेकिन कप्तानी का असली दबाव तब आता है जब हालात आपके खिलाफ हों।
फिलहाल वह सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” — गौतम गंभीर (Indian Express)
गंभीर का यह बयान साफ़ करता है कि शुभमन गिल को भविष्य का नेता तो माना जा रहा है, लेकिन क्रिकेट के कठिन मोड़ों पर उनका धैर्य ही उनकी असली पहचान बनेगा।
रणनीति और नेतृत्व — कप्तान के रूप में निखरते Shubman Gill
Test Century No. 1️⃣0️⃣ for Shubman Gill 💯
— BCCI (@BCCI) October 11, 2025
5️⃣th Test ton in 2025 🫡
Most Test runs for him in a calendar year 🙌
The #TeamIndia captain's superb run goes on 👌
Updates ▶ https://t.co/GYLslRzj4G#INDvWI | @IDFCFIRSTBank | @ShubmanGill pic.twitter.com/gQ6UzGyn61
Shubman Gill ने अपनी शांत और योजनाबद्ध कप्तानी से भारतीय टेस्ट टीम को एक नई दिशा दी है।
उनकी अगुआई में भारत ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 6 में जीत, 1 में हार और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे — यह रिकॉर्ड किसी भी युवा कप्तान के लिए काफ़ी प्रभावशाली माना जा सकता है।
Shubman Gill की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह कप्तानी के साथ-साथ अपनी बल्लेबाज़ी पर भी पूरा ध्यान देते हैं।
उनकी बॉडी लैंग्वेज में कभी घबराहट या जल्दबाज़ी नज़र नहीं आती — वह हर फैसले को शांत दिमाग़ से लेते हैं, चाहे पिच कितनी भी मुश्किल क्यों न हो।
यह संतुलन उन्हें आज के युवा कप्तानों में सबसे अलग बनाता है।
BCCI ने भी उनके प्रदर्शन की तारीफ़ करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
“The Future is Here — Captain Gill continues to inspire India with calm leadership and solid batting.”
गिल की यह “कूल कैप्टन” छवि और मैदान पर उनका अनुशासन, भारतीय क्रिकेट के नए युग की झलक दिखाता है — जहाँ जुनून और संयम दोनों साथ चलते हैं।
Yashasvi Jaiswal — शानदार पारी पर पानी फेर गया रन-आउट का झटका
YASHASVI JAISWAL 175 RUN-OUT 💔
— Johns. (@CricCrazyJohns) October 11, 2025
- A heartbreaking end, missed a well deserving Double Hundred, played so well, deserves all the applause for the great innings. pic.twitter.com/sP1kKck3WZ
दिल्ली टेस्ट के दूसरे दिन Yashasvi Jaiswal, ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाज़ी से सबका दिल जीत लिया था।
वह लय में थे, शॉट्स आत्मविश्वास से खेल रहे थे और डबल सेंचुरी के करीब पहुँच चुके थे — लेकिन तभी हुआ कुछ ऐसा, जिसने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया।
एक तेज़ सिंगल लेने की कोशिश में Shubman Gill और Yashasvi Jaiswal के बीच गलतफहमी हो गई।
जायसवाल ने पहले “Yes” का कॉल दिया, लेकिन गिल ने आख़िरी पल में रन मना कर दिया।
उस पल की ग़लतफ़हमी जायसवाल के लिए बहुत भारी पड़ी — वह क्रीज़ से कुछ इंच दूर रह गए और रन-आउट हो गए।
175 रन की शानदार पारी खेलने वाले जायसवाल ने पवेलियन लौटते वक्त गिल की ओर हल्की मुस्कान दी, लेकिन चेहरे की निराशा साफ झलक रही थी।
बाद में उन्होंने कहा —
“यह खेल का हिस्सा है। मेरा कॉल था, लेकिन हम दोनों एक पल के लिए कन्फ्यूज़ हो गए।”
पूर्व भारतीय कोच संजय बंगार ने इस रन-आउट को “communication lapse” बताया, जबकि अनिल कुंबले ने कहा कि जायसवाल का कॉल “थोड़ा जल्दबाज़ी वाला” था।
इस पूरे एपिसोड ने यह याद दिलाया कि क्रिकेट सिर्फ शॉट्स और रनों का खेल नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद की परीक्षा भी है।
एक सेकंड का हिचकना या ज़्यादा भरोसा मैच का रुख बदल सकता है।
निष्कर्ष — भारतीय क्रिकेट का नया अध्याय शुरू
दिल्ली टेस्ट में Shubman Gill का शतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के नए युग की शुरुआत है।
उन्होंने दिखा दिया कि कप्तानी का मतलब सिर्फ रणनीति बनाना नहीं, बल्कि मैदान पर उदाहरण पेश करना भी है।
गिल की बल्लेबाज़ी में सचिन तेंदुलकर की क्लास, राहुल द्रविड़ की शांति, और विराट कोहली की ऊर्जा का अनोखा संगम दिखता है।
उनकी पारी सिर्फ तकनीकी उत्कृष्टता का नमूना नहीं, बल्कि नेतृत्व की नई परिभाषा भी है — शांत रहकर टीम को जीत की ओर ले जाना।
यह शतक भारत की जीत की कहानी तो कहता ही है, लेकिन उससे ज़्यादा यह उस पीढ़ी का प्रतीक है जो आत्मविश्वास, अनुशासन और नई सोच से खेल को आगे बढ़ा रही है।
शुभमन गिल ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट अब एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुका है, जहाँ हर रन के साथ एक नई सोच, एक नया नेतृत्व और एक नई प्रेरणा जन्म ले रही है।
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