सितंबर 2025 की लगातार भारी बारिश ने पंजाब को डुबो दिया है। राज्य सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य यानी सभी 23 जिलों को बाढ़ग्रस्त घोषित कर दिया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 3.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
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Toggleपंजाब के 1,400 से ज़्यादा गांव बाढ़ के पानी में फंसे हैं। अमृतसर, गुरदासपुर, फाज़िल्का और पठानकोट जैसे ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। करीब 3.71 लाख एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। किसानों को भारी आर्थिक झटका लगा है। कई जगहों पर बिजली और संचार सेवाएं ठप पड़ी हैं।
सरकार और राहत एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। पंजाब सरकार ने केंद्र से ₹60,000 करोड़ की लंबित सहायता जारी करने की मांग की है। साथ ही किसानों को प्रति एकड़ मुआवज़ा बढ़ाने की भी अपील की गई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बाढ़ 1988 के बाद की सबसे विनाशकारी बाढ़ है। उस समय आई तबाही ने पंजाब की कृषि और गांवों की अर्थव्यवस्था को वर्षों तक पीछे धकेल दिया था।
पंजाब इस वक्त बड़े संकट से जूझ रहा है। लेकिन मुश्किल की इस घड़ी में इंसानियत भी सामने आई है—लोग नावों और ट्रैक्टरों से एक-दूसरे को सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं। यह बाढ़ सिर्फ़ पंजाब की नहीं, बल्कि पूरे देश की कृषि, खाद्य सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की परीक्षा बन चुकी है।