New Delhi, 5 December 2025 — Russia के President Vladimir Putin ने India के Prime Minister Narendra Modi की नेतृत्व क्षमता की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि “Modi ऐसा नेता है जो किसी भी तरह के दबाव में नहीं झुकता।” यह बयान उन्होंने अपने India दौरे के दौरान दिया, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई।
Putin ने बताया कि India–Russia के बीच 90% से अधिक द्विपक्षीय लेन-देन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जो दोनों देशों की आर्थिक विश्वसनीयता और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
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Toggleदौरे की खास झलक — PM Modi ने Putin को भेंट की ‘Bhagavad Gita’
Delhi में हुई High-Level Meeting के दौरान PM Narendra Modi ने President Vladimir Putin को प्रतिष्ठित Bhagavad Gita की एक विशेष प्रति भेंट की। यह उपहार India की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत और गहन दार्शनिक सोच का प्रतीक माना जाता है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, मोदी द्वारा Gita का यह उपहार सिर्फ सांस्कृतिक gesture नहीं था—बल्कि India–Russia रिश्तों की गहराई, आध्यात्मिक कूटनीति और दोनों देशों के बीच पारंपरिक मित्रता को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संदेश था। Putin ने इस उपहार को “अत्यंत सम्मानजनक और अर्थपूर्ण” बताया।
Putin to India Today 🔥
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) December 4, 2025
"The U.S. itself still buys nuclear fuel from us for its own nuclear power plants.If the U.S. has the right to buy our fuel, why shouldn’t India have the same privilege?" pic.twitter.com/Uq7Y2vnoTy
India–Russia साझेदारी पर Putin का बड़ा बयान
Vladimir Putin ने कहा कि Moscow, New Delhi को अपनी “सबसे भरोसेमंद साझेदारियों” में से एक मानता है। उन्होंने Defence, Energy, Nuclear Cooperation और Trade जैसे कई क्षेत्रों में India की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।
उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच चल रहे कई बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में Indo–Russia संबंधों की दिशा तय करेंगे।
कूटनीति के नजरिए से बयान क्यों महत्वपूर्ण?
यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब Russia पश्चिमी देशों के साथ तनाव के दौर से गुजर रहा है। इस स्थिति में India का रूस के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना उसके Strategic Autonomy की नीति का उदाहरण माना जा रहा है—जहाँ India किसी भी वैश्विक दबाव में आए बिना स्वतंत्र विदेश नीति अपनाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Putin का Modi पर यह भरोसा बताता है कि Russia South Asia में India को स्थिर नेतृत्व और विश्वसनीय सहयोगी के रूप में देखता है।
आर्थिक सहयोग: 90% Transactions सफल
Putin ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच अधिकांश Payments और Deliveries समय पर पूरी हुई हैं। इसमें:
- Crude oil imports
- Defence supplies
- Nuclear energy projects
- Fertilizer shipments
शामिल हैं, जिनके कारण Russia–India व्यापार ऐतिहासिक ऊँचाई पर पहुंचा है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?
भारत की ओर से अब तक इस बयान पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार यह टिप्पणी India के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामरिक संदेश है, खासकर ऐसे समय में जब देश Indo–Pacific और Eurasian दोनों क्षेत्रों में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की राय
कई Foreign Policy Analysts का मानना है कि Putin की यह टिप्पणी केवल प्रशंसा नहीं, बल्कि Russia की यह स्वीकारोक्ति भी है कि Modi के नेतृत्व में India एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले महीनों में India–Russia relations रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में और अधिक गहराई हासिल कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Vladimir Putin का यह बयान India–Russia साझेदारी को नई मजबूती देता है। मोदी की नेतृत्व क्षमता पर यह सार्वजनिक प्रशंसा इस बात का संकेत है कि Moscow, New Delhi को न सिर्फ महत्वपूर्ण साझेदार मानता है, बल्कि इसे विश्व राजनीति में एक निर्णायक शक्ति के रूप में भी देखता है।
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