नई दिल्ली, 28 नवम्बर 2025 — होम-ग्रोन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho अब सार्वजनिक हो रहा है। 3 दिसंबर 2025 से खुलने वाला इसका IPO (Initial Public Offering) निवेशकों की नजरों में 2025 के सबसे चर्चित प्रस्तावों में से एक है।

Meesho की नींव कैसे पड़ी और कंपनी की शुरुआत क्या थी:

Meesho की स्थापना दिसंबर 2015 में दो IIT-दिल्ली के पूर्व छात्रों विदित आत्रे और संजय बर्णवाल ने की। कंपनी की शुरुआत एक छोटे से विचार से हुई — भारत के छोटे शहरों, कस्बों और घरों में रहने वाले लोगों को बिना किसी निवेश के अपना ऑनलाइन व्यवसाय शुरू करने का मौका देना। पहले यह एक हाइपर-लोकल फैशन मार्केटप्लेस था, लेकिन जल्द ही इसे सोशल-कॉमर्स मॉडल में बदल दिया गया, जहाँ लोग WhatsApp, Facebook और Instagram के माध्यम से उत्पाद बेचकर कमाई कर सकते थे।

Meesho का नाम “Meri Shop” से लिया गया है, जिसका अर्थ है—हर किसी की अपनी दुकान। इसने गृहिणियों, छात्रों, छोटे दुकानदारों और रिसेलर्स को डिजिटल बिज़नेस का सरल मंच दिया। शुरू से ही इसका लक्ष्य था कम पूंजी, कम जोखिम और अधिक अवसर देना। धीरे-धीरे Meesho भारत में सोशल कॉमर्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया और अब IPO की ओर बढ़ रहा है।

IPO की रूपरेखा

Meesho इस IPO के तहत कुल ₹5,421 करोड़ जुटाने का इरादा रखती है। इसमें से ₹4,250 करोड़ नया शेयर यानी fresh issue होगा, जबकि बाकी हिस्सेदारी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के माध्यम से मौजूदा निवेशकों द्वारा बेची जाएगी। शेयरों का प्राइस बैंड ₹105–₹111 प्रति शेयर तय किया गया है। यदि IPO की ऊपरी सीमा पर सब्सक्रिप्शन होता है, तो कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन लगभग ₹50,096 करोड़ (करीब 5.6 अरब डॉलर) के करीब आ सकता है।

लॉट साइज 135 शेयर है — यानी न्यूनतम खुदरा निवेश ₹14,985 होगा (अगर शेयर ₹111 पर मिले)। IPO 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा।

Meesho की पृष्ठभूमि — और IPO क्यों मायने रखता है

Meesho की शुरुआत 2015 में हुई थी। इसने छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले मूल्य-सेंसिटिव ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए अपना बिजनेस मॉडल तैयार किया — जहाँ सोशल-कॉमर्स व बजट-ईकॉमर्स की मांग अधिक है। प्लेटफॉर्म पर सेलर्स, लॉजिस्टिक्स, और कंटेंट क्रिएटर्स जुड़े हैं, जिससे यह पारंपरिक ऑनलाइन रिटेल से अलग-थलग दिखता है।

IPO से जुटाए जाने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई-चेन और मार्केट विस्तार के लिए करने की योजना बना रही है।

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बड़े अवसर — और  चुनौतियाँ

संभावित फायदे:

  • IPO सफल रहा, तो Meesho उन wenigen भारतीय यूनिकॉर्न्स में शामिल हो जाएगा जिन्होंने सार्वजनिक बाजार से पूँजी जुटाई।
  • कंपनी का बजट-फ्रेंडली मॉडल और सोशल-कॉमर्स वर्टिकल छोटे शहरों व अनछुए बाजारों तक पहुँचने में सक्षम — भविष्य में ग्रोथ स्केल करना आसान।
  • यदि टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स सुधारता है, तो Meesho निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है।

जो बातें सतर्क रहने को कहती हैं:

  • IPO के बाद शेयर की कीमत लिस्टिंग-डेट और बाज़ार की स्थिति पर निर्भर होगी। शुरुआती भूसे (grading) और उम्मीदों के बीच फर्क हो सकता है।
  • ई-कॉमर्स में प्रतिस्पर्धा तीव्र है — Meesho को अपने प्राइस पॉइंट, सर्विस क्वालिटी और लॉजिस्टिक्स पर लगातार काम करना होगा।
  • निवेश करने से पहले निवेशकों को अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम-सहनशीलता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना चाहिए।
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निष्कर्ष

Meesho IPO 2025 सिर्फ एक कंपनी लिस्टिंग नहीं है — यह भारत में डिजिटल व रिटेल बाजार के बदलते स्वरूप का संकेत भी है। यदि Meesho अपनी रणनीति के अनुरूप सफल हुआ, तो यह न केवल कंपनी के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी अवसर लेकर आ सकता है।

लेकिन जैसा कि हर IPO में होता है — लाभ के साथ जोखिम भी है।
निवेशक-श्रोता, अब देखना यह है कि Meesho अपने वादों, प्राइस-बैंड और बाज़ार की उम्मीदों पर खरा उतरता है या नहीं।

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By Divyay

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