नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025 — देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo के परिचालन में हाल की गड़बड़ियों के कारण शुक्रवार तक बंद-चौथे दिन तक लगभग 1,000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी देखने को मिल रही है।
Table of Contents
Toggleयहीं क्या हुआ — संक्षिप्त स्थिति
शुक्रवार सुबह तक दिल्ली हवाई अड्डे पर लगभग 225 उड़ानें (departures + arrivals), बेंगलुरु में 100+, मुंबई-हैदराबाद समेत अन्य शहरों में भी कई उड़ानें रद्द या देरी हुई।
यात्रियों द्वारा luggage के लिए घंटों इंतजार, भोजन-पानी की परेशानी, कई लोग रात बिताकर stranded रहे।
कुछ यात्रियों का कहना है कि उन्हें उड़ान से ठीक पहले रद्द होने की सूचना मिली — उनके शादी, ऑफिस या आगे की ट्रिप्स प्रभावित हुए।
वजह: Crew Shortage, नया नियम (FDTL) और Operational Mis-management
IndiGo ने बताया कि समस्या मुख्यतः नए नियमों — DGCA के तहत लागू Flight Duty Time Limitations (FDTL) के Phase II — के कारण है। इन नियमों में पायलट्स के rest-time बढ़ाए गए, night flights पर पाबंदी और crew-rostering पर सख्ती की गई है। IndiGo ने अपनी अनुमान-प्रक्रिया में crew की आवश्यकता कम आंकने की बात कबूल की है।
इसके अलावा, सर्द मौसम, एयरपोर्ट congestion और तकनीकी समस्याएं (Technical glitches) मिलकर disruption बढ़ा रहे हैं।
कंपनी का कहना है कि यह फैसला “बेहतर सुरक्षा और pilot fatigue रोकने” के लिए ज़रूरी था — लेकिन scheduling में कमी से यह हालात बने।
विपक्ष का हमला — राहुल गांधी ने उठाए सवाल
फ्लाइट कैंसिलेशन से देशभर में हुई भारी अव्यवस्था पर विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह घटना दिखाती है कि देश में “सिस्टम मैनेजमेंट और रेगुलेटरी ओवरसाइट दोनों गहरी समस्या से जूझ रहे हैं।” उनका कहना है कि जब हजारों लोग एयरपोर्ट पर फंस जाते हैं और चार-चार दिन तक हालात काबू में नहीं आते, तो यह सिर्फ एयरलाइन की नहीं, बल्कि “कुल मिलाकर प्रशासनिक विफलता” बन जाती है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या यात्रियों के लिए मुआवज़ा, वैकल्पिक यात्रा और एयरलाइंस की जवाबदेही तय करने के लिए कोई स्पष्ट नीति है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ देश की एविएशन सिस्टम की “असली तस्वीर” सामने लाती हैं और सरकार को इसपर गंभीरता से जवाब देना चाहिए।
IndiGo fiasco is the cost of this Govt’s monopoly model.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 5, 2025
Once again, it’s ordinary Indians who pay the price - in delays, cancellations and helplessness.
India deserves fair competition in every sector, not match-fixing monopolies. https://t.co/sRoigepFgv
यात्रियों की परेशानी — लॉक-इन डिस्ट्रेस
कई यात्री luggage hours तक नहीं पा सके, उनके साथ खाना-पानी का इंतजाम नहीं हुआ, counters खाली मिले — Delhi, Hyderabad सहित कई एयरपोर्ट्स पर तस्वीर बेहद बुरी रही।
यात्रियों की शिकायतें: last-minute flight cancellation बिना proper notification, families और elderly travellers stranded, connecting flights miss होना, onward travel plans नाकाम।
सोशल मीडिया पर निराशा, यात्रियों का आरोप कि airline ने पर्याप्त सूचना नहीं दी; कई लोगों ने धनवापसी या alternate flights न मिलने की शिकायत की।
Indigo की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना
IndiGo ने यात्रियों से माफी मांगी है और कहा है कि operations को स्थिर करने के लिए कार्य जारी है।
एयरलाइन ने कहा कि 8 दिसंबर से कुछ routes पर flights की frequency कम करेगा, और उम्मीद जताई है कि संचालन धीरे-धीरे February 10, 2026 तक सामान्य हो जाएगा।
regulator DGCA ने airline को कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया है और एयरलाइंस को कहा गया है कि वे भविष्य की planning में crew shortage जैसी समस्याओं से निपटें।
क्या travellers को करना चाहिए — कुछ सुझाव
फ़्लाइट बुक करने के बाद या एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति (flight status) airline की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अवश्य चेक करें, ताकि आखिरी समय में होने वाली किसी भी देरी या कैंसिलेशन से बचा जा सके।
अगर cancellation या delay हो जाए — अपने alternate options देखें (alternate airlines, trains या अगले दिन की flight)।
luggage-label, contact details और refund policy का ध्यान रखें — cancellations के बाद refund या rebooking के लिए दस्तावेज़ काम आ सकते हैं।
निष्कर्ष
IndiGo की यह बड़ी operational गड़बड़ी — crew shortage + नए FDTL नियम + scheduling mis-management — उस समय हुई है जब airlines पर पहले से ही winter-rush का दबाव है। हजारों विमान रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी हैं, और airline की विश्वसनीयता को भी बड़ा झटका लगा है।
अब सवाल यह है कि IndiGo और regulator मिलकर कितनी जल्दी सुधार के लिए ठोस कदम उठाते हैं — ताकि यात्रियों की परेशानी ख़त्म हो और हवाई यात्रा फिर भरोसेमंद बने।
Visit GPS NEWS HUB
