SBERBANK

रूस के सबसे बड़े बैंक Sberbank ने अपने रिटेल (retail) निवेशकों के लिए एक बड़ा आर्थिक पुल तैयार किया है। बैंक और JSC First Asset Management ने मिलकर एक नया म्यूचुअल फंड scheme लॉन्च किया है, जिसका नाम है “First-India”। इस फंड के जरिए रूसी निवेशक अब सीधे भारत के शेयर बाजार, विशेषकर भारत के प्रमुख शेयर इंडेक्स NIFTY 50 के स्टॉक्स में निवेश कर सकेंगे।

First-India फंड NIFTY 50 इंडेक्स को benchmark करता है — यानी रूसी निवेशकों का रिटर्न सीधे भारत की 50 बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन से जुड़ा रहेगा।

इस फंड का ऑफिशियल ऐलान Sberbank के CEO व Executive Board Chairman Herman Gref ने किया, जब वे भारत दौरे पर थे।

Sberbank का कहना है कि यह कदम रूसी रिटेल इन्वेस्टर्स को “दक्षिण एशिया में आर्थिक अवसरों” तक पहुँच प्रदान करता है — और उन्हें एक स्थापित, liquid और मजबूत इक्विटी बाजार का exposure देता है।

भारत-रूस आर्थिक रिश्तों में यह कदम क्यों अहम है

RUSSIA INDIA

इस पहल के ज़रिए रूस और भारत के बीच वित्तीय व आर्थिक साझेदारी में नई गहराई आएगी — सिर्फ तेल-गैस या ऊर्जा व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि पूँजी निवेश और equity market तक।

Sberbank पहले ही rupee–rouble settlement सुविधाओं के जरिए दोनों देशों के trade payments में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब investment link ने उन संचालित संसाधनों को बेहतर निवेश विकल्प दिए हैं।

बैंक ने यह भी संकेत दिया है कि वह अगले कुछ वर्षों में भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाएगा — 10 से अधिक शाखाओं के साथ, खुदरा बैंकिंग, data-centre और स्थानीय निवेश सुविधाओं को लाने की तैयारी में है।

Sberbank की आगे की रणनीति

Sberbank भविष्य में भारत में retail banking पूरी तरह शुरू करने की योजना बना रहा है। बैंक के अनुसार, अगले 10 सालों में वह भारत में “फुल-फ्लेज्ड बैंक” बनना चाहता है।

बैंक surplus रुपये (जो भारत-रूस व्यापार लेन-देन में जमा हुए हैं) को Indian government securities (G-Secs) में निवेश करने पर विचार कर रहा है। इससे रूसी investors को एक नया सुरक्षित निवेश विकल्प मिलेगा।

इसी के साथ, बैंक भारत में gold-export licence और अन्य व्यापारिक लाइसेंस भी प्राप्त कर चुका है, जिससे trade, finance और investment तीनों में द्विपक्षीय रिश्ता मजबूत होगा।

चुनौतियाँ और ध्यान देने योग्य बातें

रूसी निवासियों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश एक नया अनुभव है — volatility, currency risk और geopolitical tensions को ध्यान में रखना होगा।

भारतीय बाजार का नियमावली (regulatory framework), tax-treaties, repatriation restrictions आदि रूस के लिए समझना और सुरक्षित निवेश करना ज़रूरी होगा।

global sanctions और मुद्रा स्वैप व्यवस्था (rupee–rouble) के महत्व के कारण यह निवेश रणनीति अभी जोखिम समेत आई है — लेकिन लंबी अवधि में इसकी रणनीतिक संभावना मजबूत है।

रूस वर्तमान समय में Western sanctions और सीमित global market access के कारण निवेश संकट झेल रहा है। ऐसे माहौल में भारत—एक तेज़ी से बढ़ती और स्थिर अर्थव्यवस्था—रूसी निवेशकों के लिए सुरक्षित और दीर्घकालिक अवसर बनकर उभर रहा है। भारत को इससे foreign capital inflow और बाजार liquidity का लाभ मिलेगा, जबकि NIFTY 50 की global visibility भी बढ़ती है। यह कदम Modi-Putin summit के बाद दोनों देशों के ऊर्जा, रक्षा और व्यापार सहयोग के साथ एक नया “financial integration” स्तंभ जोड़ता है, जिससे India-Russia आर्थिक रिश्ते और अधिक संतुलित व मजबूत बनते हैं।

निष्कर्ष

Sberbank का First-India Mutual Fund, NIFTY 50-linked, एक ऐसा आर्थिक पुल है जो रूस और भारत को सिर्फ ऊर्जा-व्यापार या रक्षा-सहयोग तक सीमित नहीं रखेगा। यह उन मॉडर्न वित्तीय और पूँजी निवेश संबंधों की शुरुआत है, जो दोनों देशों के आर्थिक भविष्य को redefine कर सकते हैं।

यदि यह पहल सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में India को global capital flows, increased liquidity और foreign investment से फायदा मिला सकता है — जबकि Russia को sanctions-hit environment से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।

देश के लिए यह एक नई आर्थिक दिशा का संकेत है — जहाँ वैश्विक geopolitics के बीच भारत-रूस रिश्ता सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि स्थिर आर्थिक साझेदारी भी बन रहा है।

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By Divyay

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