Independence Day

15 August 1947 – यह वहीं दिन है जिस दिन भारत से 79 वर्ष पहले आज़ादी हासिल की थी  । लगभग 200 साल की गुलामी के बाद, अनगिनत बलिदानों, संघर्षों और आन्दोलनों के बाद हमें स्वतंत्रता नसीब  हुई। 1947 आज तक हमेशा इसी दिन Indepedence day मनाया जाता है। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक बन चुका है।                                                                                                           ब्रिटिश हुकूमत का शासन 18वीं सदी के मध्य में शुरू हुआ और धीरे-धीरे भारत पर पूरा नियंत्रण हो गया। करों का अत्यधिक बोझ, आर्थिक लूट, सांस्कृतिक दमन और राजनीतिक दासता ने भारत को कमजोर कर दिया था।                                                                                                                                                        अंग्रेज़ो ने सभी भारतीयों पर बहुत जुल्म किये और काफी लोगो पर इतना अत्याचार करा की उनकी जान चली गयी  लेकिन इसी समय देश के कोने-कोने से स्वतंत्रता की लौ जल उठी।                                        आज, 2025 में, हम 79वां Independence Day मना रहे हैं। यह न सिर्फ जश्न का दिन है, बल्कि हमें यह याद दिलाने का दिन है कि आज़ादी की कीमत कितनी बड़ी थी और इसे बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।

आज़ादी के नायक और उनका योगदान

हमारे देश की आज़ादी के पीछे अनगिनत लोगों का पसीना, खून और बलिदान है। आइए, जानते हैं कुछ ऐसे नायकों के बारे में, जिनके बिना आज का भारत शायद मुमकिन न होता।

महात्मा गांधी – अहिंसा का हथियार

गांधी जी ने दुनिया को दिखा दिया कि बिना हिंसा के भी लड़ाई जीती जा सकती है। सत्याग्रह, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन ने अंग्रेज़ों को हिला कर रख दिया। उनका “करो या मरो” का नारा आज भी प्रेरणा देता है।

सुभाष चंद्र बोस – नेताजी की जंग

विदेश जाकर उन्होंने आज़ाद हिंद फौज बनाई और ब्रिटिश राज को खुली चुनौती दी। उनका मशहूर नारा – “Tum Mujhe Khoon Do, Main Tumhe Azadi Doonga” – लोगों के दिलों में आग जला देता था।

भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव – हंसते-हंसते मौत

इन्होंने असेंबली में बम फेंककर अंग्रेज़ों को साफ संदेश दिया कि अब भारत चुप नहीं बैठेगा। फांसी के वक्त भी चेहरे पर मुस्कान थी।

सरदार पटेल – लौह पुरुष

उन्होंने आज़ादी के बाद 500 से ज़्यादा रियासतों को एकजुट किया। भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने में उनका योगदान अमूल्य है।

रानी लक्ष्मीबाई – झांसी की शेरनी

1857 की क्रांति में उनका साहस आज भी मिसाल है। उन्होंने आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी और अंग्रेज़ों को कड़ी चुनौती दी।

चंद्रशेखर आज़ाद – आखिरी गोली खुद पर

उन्होंने प्रतिज्ञा ली थी कि ज़िंदा अंग्रेज़ों के हाथ नहीं आएंगे, और उसे निभाया भी।

बाल गंगाधर तिलक – स्वराज का अधिकार

तिलक जी का नारा – “Swaraj is my birthright and I shall have it” – देशभर में क्रांति की लहर ले आया।

मंगल पांडे – विद्रोह की पहली चिंगारी

1857 का पहला स्वतंत्रता संग्राम मंगल पांडे की बगावत से शुरू हुआ।

सरोजिनी नायडू – भारत कोकिला

उन्होंने अपने शब्दों और आवाज़ से आज़ादी के आंदोलन को गति दी।

 

Independence Day SPECIAL SONGS-देशभक्ति के गाने

Independence Day पर देशभक्ति के गाने सुनना एक अलग ही एहसास देता है। ये गाने हमें उन बलिदानों की याद दिलाते हैं और गर्व से भर देते हैं।

1. Ae Mere Watan Ke Logon

2. Vande Mataram

3. Maa Tujhe Salaam

4. Chak De India

5. Teri Mitti

कल का Independence Day समारोह – लाल किले से तिरंगा

कल, 15 अगस्त 2025 Independence Day को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे। इसके बाद वे देश को संबोधित करेंगे, जिसमें वे बीते साल की उपलब्धियों और आने वाले समय के विज़न के बारे में बात करेंगे। इस समारोह में देश-विदेश के कई मेहमान, स्कूली बच्चे और आम नागरिक शामिल होंगे।

राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में झंडारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति गीतों का आयोजन होगा। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, और इस बार समारोह में तकनीक का भी खास उपयोग होगा, जैसे लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल फ्लैग वेविंग।

आज़ादी का मतलब – सिर्फ जश्न नहीं, जिम्मेदारी भी

आज जब हम 79वां Independence Day मना रहे हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि ये सिर्फ छुट्टी या सेलिब्रेशन का दिन नहीं है। ये एक जिम्मेदारी है – अपने देश को और बेहतर बनाने की, उसे भ्रष्टाचार, गरीबी और अन्य समस्याओं से मुक्त करने की।

हमारे नायकों ने हमें आज़ादी दी, अब हमें इसे संभालना है।

By Divyay

One thought on “India का 79वां Independence Day: आज़ादी का जश्न और शौर्य की कहानी”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *