भारत में सोने(Gold) और चांदी(silver) की कीमतों ने आज फिर एक नया कीर्तिमान बना दिया है। त्योहारों के मौसम के बीच निवेशकों की भीड़ इन कीमती धातुओं की ओर तेजी से बढ़ रही है। देशभर के सराफा बाजारों में आज सोना ₹1,26,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि चांदी ने भी ₹1,57,000 प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया।
यह लगातार तीसरा दिन है जब दोनों धातुओं में तेजी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, रुपया कमजोर होना और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश — ये सभी कारक इस रिकॉर्ड रैली के पीछे हैं।
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ToggleGold की चमक क्यों बढ़ रही है?
वैश्विक स्तर पर निवेशक इन दिनों सोने और चांदी को “सेफ हेवन” यानी सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अनिश्चितता होती है — जैसे अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर असमंजस, मध्य-पूर्व में तनाव, या चीन की मंदी — तब निवेशक अपने पैसे को सोने में लगाते हैं ताकि वह सुरक्षित रहे।
भारत जैसे देशों में जहां सोना न केवल निवेश बल्कि परंपरा का हिस्सा है, यह असर और गहरा दिखता है। दीवाली और शादी के सीजन के चलते इस समय खरीदारों की भीड़ बढ़ी हुई है।
रुपया कमजोर, दाम हुए और महंगे
Gold और Silver अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के भाव से तय होते हैं। जब भारतीय रुपया कमजोर पड़ता है, तो इन धातुओं की कीमतें भारत में और ज्यादा बढ़ जाती हैं। हाल ही में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84 रुपये के पार चला गया है। इसका सीधा असर सोने-चांदी के रेट पर पड़ा है।
त्योहारों का सीजन और बढ़ती घरेलू मांग
भारत में अक्टूबर और नवंबर महीनों को सोना खरीदने का शुभ समय माना जाता है। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों में सोना खरीदना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है।
सराफा बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। कई दुकानदारों ने बताया कि लोग अब भौतिक सोना नहीं बल्कि डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF में निवेश कर रहे हैं, क्योंकि यह आसान और सुरक्षित है।
आज के प्रमुख सोना-चांदी रेट (7 अक्टूबर 2025 तक)
धातु दर (अनुमानित) स्थिति
- सोना (24 कैरेट, 10 ग्राम) ₹1,26,000 रिकॉर्ड ऊंचाई
- सोना (22 कैरेट, 10 ग्राम) ₹1,15,200 स्थिर लेकिन ऊंचा
- चांदी (1 किलोग्राम) ₹1,57,000 नई छलांग
- सोना फ्यूचर्स (MCX) ₹1,12,750 तेजी बरकरार
नोट: दरें शहर और ज्वैलरी चार्ज के अनुसार बदल सकती हैं।
Silver की रफ्तार और भी तेज
जहां Gold सुरक्षित निवेश माना जाता है, वहीं चांदी ने इस साल सोने से भी तेज दौड़ लगाई है। साल की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमत में करीब 69%की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोना लगभग 56% बढ़ा है।
चांदी की यह तेजी केवल निवेश की वजह से नहीं है, बल्कि उसके उद्योगिक उपयोग से भी है। सोलर पैनल, मोबाइल, बैटरी, मेडिकल उपकरण — इन सबमें चांदी का उपयोग होता है। इस कारण उसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
निवेशकों की दिलचस्पी क्यों बढ़ी है?
पिछले कुछ महीनों में भारतीय निवेशकों ने सोना-चांदी से जुड़ी ETFs (Exchange Traded Funds) में बड़े पैमाने पर पैसा लगाया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के गोल्ड ETFs का AUM (Assets Under Management) अब 10 अरब डॉलर से भी ऊपर पहुंच गया है — जो अब तक का सबसे बड़ा स्तर है।
यह दर्शाता है कि अब निवेशक सोना खरीदने के लिए ज्वैलरी दुकानों पर नहीं जा रहे, बल्कि ऑनलाइन और वित्तीय निवेश प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं।
ज्वैलरी उद्योग पर असर
Gold और Silver के दामों में इतनी तेज वृद्धि से ज्वैलरी बाजार में थोड़ी सुस्ती आई है।
कई ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में 30–35% तक की गिरावट आई है क्योंकि गहने बनाने की लागत बढ़ गई है और ग्राहकों की क्रय क्षमता घट रही है।
हालांकि, शादी के मौसम में आभूषणों की मांग फिर से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उद्योग को थोड़ी राहत मिल सकती है।
बाजार विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
विशेषज्ञों की राय:
- अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव जारी रहा तो आने वाले महीनों में सोना ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,60,000 प्रति किलो के पार जा सकती है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी कीमतों को ऊपर धकेल रही है।
- वहीं कुछ विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद “प्रॉफिट बुकिंग” यानी मुनाफा निकालने की प्रवृत्ति देखी जा सकती है, जिससे थोड़ी गिरावट भी आ सकती है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
1. शुद्धता जांचें – सोना खरीदते समय BIS Hallmark और 24 कैरेट/22 कैरेट की पुष्टि अवश्य करें।
2. GST और मेकिंग चार्ज देखें – दुकानदारों के हिसाब से इन चार्ज में अंतर हो सकता है।
3. डिजिटल विकल्प अपनाएं – आजकल डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF एक आसान और सुरक्षित विकल्प है।
4. निवेश संतुलित रखें – पूरी पूंजी एक ही जगह न लगाएं। थोड़ा हिस्सा शेयर या म्यूचुअल फंड में भी रखें।
5. बाजार पर नज़र रखें – रोज़ाना की दरों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर ध्यान दें, क्योंकि उनका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
क्या हो सकता है?
अगर वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी बनी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
हालांकि, अगर दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाने लगते हैं या बाजार स्थिर हो जाता है, तो इन धातुओं में थोड़ी गिरावट भी देखी जा सकती है।
भारतीय बाजार में त्योहारी सीजन और शादी का दौर अभी बाकी है — इसलिए निकट भविष्य में सोने और चांदी की मांग मजबूत बनी रह सकती है।
निष्कर्ष: सोने की चमक बरकरार, पर सावधानी जरूरी
आज का दिन भारतीय निवेशकों के लिए खास रहा। Gold और Silver दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छूकर यह साबित कर दिया है कि अनिश्चितता के दौर में भी इनका भरोसा अटूट है।
लेकिन निवेश केवल “चमक” देखकर नहीं करना चाहिए — विवेक, समय और रणनीति के साथ निवेश करें।
जो लोग लंबे समय के लिए सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए यह मौका अच्छा हो सकता है। वहीं, जो लोग शॉर्ट टर्म मुनाफे के लिए सोच रहे हैं, उन्हें थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
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