दीवाली आने में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन बाजारों में मिठास के नाम पर मिलावट ने चिंता बढ़ा दी है।
जहाँ एक ओर मिठाई की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) और FDA की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं — और जो सामने आया है, वह वाकई चौंकाने वाला है।
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Toggleहजारों किलो मिलावटी मिठाइयाँ ज़ब्त
उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान तक — हर जगह अधिकारियों ने दीवाली से पहले मिलावटी मावा, नकली घी और जहरीले रंगों वाली मिठाइयाँ ज़ब्त की हैं।
राज्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने पिछले दो हफ्तों में 4,600 से अधिक निरीक्षण किए हैं।
इस दौरान करीब 3,000 क्विंटल मिलावटी मिठाइयाँ, घी और दूध उत्पाद जब्त किए गए।
कई जगह नमूने लैब भेजे गए हैं, जिनमें कुछ में डिटर्जेंट और सिंथेटिक रंगों के अंश पाए गए।
FSDA लखनऊ ज़ोन के एक अधिकारी ने बताया —
“त्योहारों के मौसम में मिलावटखोर सबसे ज़्यादा सक्रिय रहते हैं। इस बार हमने टीमों को गाँव और कस्बों तक भेजा है ताकि छोटे दुकानदार भी जांच के दायरे में आएं।”
नोएडा: 1,100 किलो मिठाइयाँ नष्ट, रसगुल्लों में मक्खियाँ
एडा और गाज़ियाबाद में खाद्य विभाग ने छापेमारी कर 1,100 किलो मिठाइयाँ नष्ट की हैं।
इनमें से कई दुकानों में रसगुल्लों और बर्फियों पर मक्खियाँ और फफूंद पाई गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मिठाई विक्रेता क्रीम और चाशनी में कृत्रिम सुगंध और सस्ते तेल का प्रयोग कर रहे थे।
जाँच में पाया गया कि कई मिठाइयों में इस्तेमाल किया गया “घी” वास्तव में वनस्पति वसा और पाम ऑयल का मिश्रण था।
“जिन मिठाइयों में असामान्य चमक और सुगंध थी, उन्हें तुरंत नष्ट किया गया। हमने दुकानों के लाइसेंस भी जांचे हैं।”
— खाद्य निरीक्षक, गौतमबुद्धनगर
जयपुर: मिलावटी पनीर और दूध केक पर रोक
राजस्थान की राजधानी जयपुर में खाद्य सुरक्षा टीमों ने 350 किलो पनीर और 650 किलो मिल्क केक जब्त किया है।
जांच में पाया गया कि इनमें डिटर्जेंट, कृत्रिम सुगंध और सिंथेटिक मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया गया था।
एक अधिकारी ने बताया,
“मिठाई की दुकानों में ताजगी दिखाने के लिए चमक बढ़ाने वाले केमिकल (bleaching agent) का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।”
मध्य प्रदेश: 12 लाख की नकली मावा और घी जब्त
इंदौर में खाद्य विभाग ने ₹12.64 लाख मूल्य का मिलावटी मावा, मिठाई और घी ज़ब्त किया है।
इस अभियान में 1,800 किलो मिठाइयाँ और 1,000 लीटर तेल और मसाले भी बरामद हुए।
सैंपल टेस्ट में पाया गया कि अधिकांश उत्पादों में सस्ता पाम ऑयल, सिंथेटिक रंग और कॉर्नस्टार्च मिला हुआ था।
अधिकारियों ने कहा कि कुछ मिठाई विक्रेता 24 घंटे के भीतर हजारों किलो मिठाई तैयार करने के लिए मिलावट करते हैं।
गोरखपुर: 1,400 किलो खौया पकड़ा गया
गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा टीम ने 1,400 किलो खौया (मावा) जब्त किया और उसके नमूने लैब भेजे।
यह मावा बिहार और दिल्ली से ट्रक द्वारा लाया जा रहा था।
जाँच में पाया गया कि उसमें स्टार्च और पाउडर मिल्क का अत्यधिक मिश्रण था।
क्यों बढ़ती है मिलावट दीवाली के समय?
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है।
घरेलू खपत के साथ कॉर्पोरेट गिफ्टिंग और ऑनलाइन ऑर्डर्स भी बढ़ते हैं।
इससे कुछ विक्रेता कम समय और कम लागत में ज़्यादा उत्पादन करने की कोशिश में मिलावट करते हैं।
खाद्य विशेषज्ञ डॉ. रश्मि अवस्थी कहती हैं —
“त्योहारों में मांग बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन समस्या तब होती है जब गुणवत्ता नियंत्रण न हो। यह सिर्फ स्वाद का नहीं, स्वास्थ्य का भी सवाल है।”
कैसे पहचानें मिलावटी मिठाइयाँ
- रंग और चमक देखें — बहुत ज़्यादा चमकीली मिठाई में रासायनिक रंग हो सकते हैं।
- गंध और स्वाद पहचानें — अगर गंध तेज़ या कृत्रिम लगे, तो सावधान रहें।
- खौया या मावा पानी में मिलाएं — अगर पानी धुंधला हो जाए या फेन निकले, तो मिलावट है।
- आयोडीन टेस्ट करें — नीला रंग बनने पर स्टार्च मिला होता है।
- FSSAI नंबर देखें — असली दुकानदार के पास यह अनिवार्य होता है।
मिलावट का असर — स्वाद से ज़्यादा खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार, मिलावटी मिठाइयाँ केवल स्वाद बिगाड़ती नहीं —
वे पाचन तंत्र, लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
डिटर्जेंट और ब्लिचिंग एजेंट जैसी चीज़ें कैंसरकारी तत्वों में बदल सकती हैं।
AIIMS की एक रिपोर्ट के मुताबिक,
“हर साल त्योहारों के बाद पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग के मामलों में लगभग 22% की बढ़ोतरी होती है।”
सरकारी सख्ती — राज्यों में निगरानी तेज़
FSDA (उत्तर प्रदेश): 4,600 निरीक्षण, 2,000 से ज़्यादा छापे।
FDA (महाराष्ट्र और राजस्थान): मिलावटी उत्पादों की बिक्री पर FIR दर्ज।
FSSAI (केंद्रीय स्तर): राज्यों को दिशा-निर्देश जारी — हर मिठाई विक्रेता के लिए सैंपलिंग अनिवार्य।
लखनऊ FSDA मुख्यालय ने साफ कहा है कि
“इस बार ‘ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू होगी। कोई भी मिलावटखोर बख्शा नहीं जाएगा।”
सुरक्षित दीवाली के लिए विशेषज्ञों के सुझाव
- स्थानीय दुकानों से खरीदें, जहाँ मिठाई ताज़ी बनती हो।
- पैक्ड मिठाई पर लेबल और FSSAI नंबर देखें।
- घर की बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दें।
- रंगीन या चटक मिठाइयाँ अवॉयड करें।
- संदेहास्पद वस्तु की शिकायत करें — 1800-11-2100 (FSSAI हेल्पलाइन)।
निष्कर्ष — असली मिठास, सतर्कता में है
दीवाली की रौशनी में सब कुछ सुंदर लगता है —
पर सच्ची चमक वही है जो स्वास्थ्य की कीमत पर न आए।
इस साल जब आप लड्डू, जलेबी या काजू कतली खरीदें,
तो याद रखिए — त्योहार की मिठास तभी पूरी होगी, जब उसमें मिलावट न हो।
इस दीवाली, दीप जलाइए —
पर साथ ही सतर्कता की लौ भी जलाइए।
क्योंकि स्वाद क्षणिक है,
स्वास्थ्य स्थायी।
