दक्षिण-पूर्व एशिया इस समय भीषण floods, लगातार Heavy Rainfall और खतरनाक weather systems से जूझ रहा है। Thailand, इंडोनेशिया और मलेशिया में हालात इतना बिगड़ चुके हैं कि लाखों लोग प्रभावित हैं, हजारों बेघर हो चुके हैं और कई इलाकों में transport, communication और power supply पूरी तरह बंद है।

Thailand के Southern Provinces—खासकर Songkhla और Commercial Hub Hat Yai—में हालात बेहद खराब हैं। लगातार बारिश से शहरों की सड़कों, घरों और अस्पतालों में कमर से ऊपर तक पानी भर गया। कई लोग अपनी rooftops पर 2–3 दिनों तक फंसे रहे।

सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • 55+ deaths

  • 3 million affected people

  • Hospital services, roads और बिजली की व्यवस्था बुरी तरह क्षतिग्रस्त

कई अस्पतालों में Ground Floor और Emergency Wards पानी में डूब गए, जिससे मरीजों को तत्काल evacuate करना पड़ा।

थाईलैंड Thailand

Relief Mission में Drones ने संभाला मोर्चा

स्थिति गंभीर होते ही थाई सरकार ने बड़ी घोषणा करते हुए Drone Flight Restrictions को अस्थायी रूप से हटा दिया। इससे अब 24×7 Rescue Operations संभव हो पाए।

इन Drones का उपयोग किया जा रहा है:

  • Food & Medical Supplies को air-drop करने में

  • Remote Areas का real-time aerial survey करने में

  • Rescue Teams को accurate location देने में

  • इसके साथ ही थाईलैंड ने अपना Aircraft Carrier (Chakri Naruebet) भी राहत कार्यों में तैनात कर दिया, जो इस तरह की आपदा में पहली बार उपयोग किया जा रहा है।
    नेवी, एयरफोर्स और सैकड़ों Boats, Helicopters और Military Trucks राहत अभियान का हिस्सा हैं।

    सरकार ने नागरिकों से Private Boats और Jet Skis तक देने की अपील की है ताकि evacuation speed बढ़ाई जा सके।

Hospitals में Emergency: Airlift किए गए मरीज

Hat Yai के मुख्य सरकारी अस्पताल में Floodwater ICU और Emergency Units तक पहुंच गया। डॉक्टरों ने बताया कि कई मरीजों को अंधेरे में Manual Ventilation देकर जीवित रखा गया।

 

स्थिति बिगड़ने पर दर्जनों मरीजों को helicopter airlift कर दूसरे शहरों में भेजा गया—यह नज़ारा लोगों के दिल दहला देने वाला था।

इंडोनेशिया के Sumatra में विनाश: Death Toll 61 के पार

इंडोनेशिया के Sumatra द्वीप पर आए तेज़ Cyclonic Storm और भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई।
यहाँ:

  • 61+ confirmed deaths

  • सैकड़ों लोग Missing

  • कई Villages पूरी तरह cutoff

  • Roads & Bridges बह गए

Rescue Teams को knee-deep mud, collapsed houses और landslides के बीच काम करना पड़ रहा है। कई जगहों पर उन्हें मृतकों को अस्थायी Stretchers में बांधकर लाना पड़ा।

मलेशिया भी प्रभावित: Thousands evacuated

मलेशिया के Northern States भी इस Weather System की चपेट में आए। यहाँ:

  • 2 मौतें

  • हजारों displaced

  • Schools और Community Halls को Relief Camps में बदला गया

कुछ जगहों पर Rescue Teams ने container trucks को amphibious vehicles की तरह उपयोग किया ताकि परिवारों को सुरक्षित निकाला जा सके।

Like an Ocean” — नागरिकों की दर्दनाक कहानियाँ

बाढ़ के बीच कई दर्दनाक Human Stories उभरकर सामने आई हैं।

एक 70-year-old व्यक्ति ने बताया:

  • वे 3 दिनों तक अपनी roof पर फंसे रहे

  • खाना खत्म होने पर उन्होंने rainwater पीकर गुज़ारा किया

  • अपनी pet dog को सीने पर उठाकर Rescue Boat तक पहुँचे

कई Foreign Tourists भी Hat Yai में फंस गए थे जिन्हें बाद में Relief Centers लाया गया।

Climate Change का खतरा लगातार बढ़ रहा है

Meteorologists ने चेतावनी दी है कि इस बार की बाढ़ दो अलग-अलग Weather Systems—Philippines के पास बना Typhoon और Malacca Strait के पास बना Rare Cyclone—के टकराव से और भयंकर हो गई।

Experts का कहना है:

  • Rising Sea Surface Temperature (SST)

  • Extreme Rainfall Events

  • Stronger Tropical Storms

ये सभी Climate Change के स्पष्ट संकेत हैं।

 

आने वाले वर्षों में South-East Asia को ऐसी आपदाओं का बार-बार सामना करना पड़ सकता है।

आगे की चुनौती: Recovery, Rebuilding & Preparedness

 हालांकि कई जगह पानी उतरने लगा है, लेकिन स्थिति अभी भी खतरे से बाहर नहीं है।

Rescue Teams का फोकस है:

  • लोगों को सुरक्षित निकालना

  • Essential Supplies पहुँचाना

  • Roads & Hospitals की मरम्मत करना

  • Long-term Rehabilitation योजना बनाना

Experts ने यह भी कहा है कि भविष्य में इस तरह की आपदाओं से बचने के लिए बेहतर:

  • Early Warning Systems

  • Disaster Management Policies

  • Climate Adaptation Measures

  • Regional Cooperation

बहुत आवश्यक है।

फिलहाल, दक्षिण-पूर्व एशिया इस व्यापक Flood Crisis से उबरने की कोशिश में जुटा है, लेकिन यह साफ है कि Climate Change के कारण ऐसी चुनौतियाँ और बढ़ेंगी — और देशों को अब पहले से ज्यादा तैयार रहने की जरूरत होगी।

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By Divyay

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