नई दिल्ली, 3 दिसंबर 2025 — दिल्ली नगर निगम (Delhi MCD) के 12 रिक्त वार्डों के लिए हुए उपचुनावों के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए। इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सबसे बड़ा प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर जीत दर्ज की।
आम आदमी पार्टी (AAP) को 3 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस एक सीट पर सिमट गई। इसी बीच All India Forward Bloc (AIFB) ने मुस्लिम-बहुल चांदनी महल वार्ड में जीतकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया।
ये उपचुनाव 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद राजधानी में पहला बड़ा चुनावी परीक्षण माने गए थे। नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि दिल्ली की स्थानीय राजनीति में BJP अपनी पकड़ बरकरार रखने में सफल रही है।
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ToggleDelhi MCD: कौन-सी पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
MCD उपचुनाव के नतीजे:
— Molitics (@moliticsindia) December 3, 2025
BJP ने 7 सीटें, AAP ने 3 सीटें जीतीं, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने 1 सीट वहीं कांग्रेस ने 1 सीट जीती। pic.twitter.com/PDZkFjWnVj
BJP-7 सीटें (सबसे ज्यादा)
इन वार्डों में जीत मिली:
Vinod Nagar, Dwarka, Chandni Chowk, Ashok Vihar, Greater Kailash, Shalimar Bagh, Dichaon Kala
BJP की यह जीत बताती है कि राजधानी के बड़े हिस्सों में पार्टी की पकड़ मजबूत बनी हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां शहरी मध्यम वर्ग और नए वोटर्स की संख्या अधिक है।
AAP — 3 सीटें
AAP को तीन महत्वपूर्ण वार्डों में जीत मिली:
Naraina, Dakshinpuri, Mundka
ये नतीजे संकेत देते हैं कि आम आदमी पार्टी अभी भी कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर मजबूत है, लेकिन 12 में से केवल 3 सीटें मिलना उसके लिए चिंता का विषय होगा, खासकर जब MCD पर पिछले वर्षों में उसका नियंत्रण रहा है।
कांग्रेस — सिर्फ 1 सीट
Sangam Vihar
कांग्रेस की यह जीत दक्षिणी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके से आई है। लेकिन कुल प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, जो बताता है कि पार्टी को MCD क्षेत्र में अपनी जमीनी संरचना को मजबूत करने की जरूरत है।
AIFB — 1 सीट (सबसे बड़ा सरप्राइज)
Chandni Mahal
मुस्लिम-बहुल क्षेत्र चांदनी महल में AIFB के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान की जीत ने सभी दलों को चौंका दिया। यह बताता है कि स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार की साख और क्षेत्र-विशेष की राजनीति से बड़ा अंतर पड़ सकता है।
नतीजों का बड़ा संदेश: कौन जीता, कौन हारा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपचुनावों में BJP की सफलता बताती है कि:
- शहरी इलाकों में पार्टी का संगठन मजबूत है
- विधानसभा चुनाव के परिणामों के बावजूद पार्टी ने स्थानीय स्तर पर अपना प्रभाव बनाए रखा
- AAP अपने परंपरागत शहरी मतदाताओं को पूरी तरह वापस आकर्षित नहीं कर पा रही
- वहीं, कांग्रेस की स्थिति अब भी बेहद कमजोर दिखाई देती है। दिल्ली के स्थानीय चुनावों में उसका वोट-बेस लगातार कमजोर हो रहा है।
- AIFB की जीत यह भी बताती है कि छोटे दल और क्षेत्रीय समूह भी उन इलाकों में मजबूत दावेदारी कर सकते हैं, जहां बड़े दलों के खिलाफ स्थानीय नाराज़गी या असंतोष मौजूद हो।
आगे की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
- यह उपचुनाव 2026 के MCD मुख्य चुनावों का सेमीफाइनल माना जा सकता है।
- BJP इस प्रदर्शन को बड़े चुनाव में भुनाने की कोशिश करेगी।
- AAP को अपनी रणनीति और संगठन दोनों पर नए सिरे से काम करना होगा।
- कांग्रेस(Congress) के लिए यह परिणाम चेतावनी का काम करेंगे।
इसके अलावा, AIFB की जीत ने राजनीतिक समीकरणों में नया मोड़ जोड़ दिया है—आगामी चुनावों में मुस्लिम बहुल या घनी आबादी वाले वार्डों में नए गठजोड़ देखने को मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
Delhi MCD उपचुनाव 2025 के नतीजों ने राजधानी की राजनीति में नया उत्साह और नई बहस को जन्म दिया है।
7 सीटों के साथ BJP स्पष्ट विजेता बनकर उभरी है, जबकि AAP और कांग्रेस को अपने खोए हुए आधार को वापस पाने के लिए और मेहनत करनी पड़ सकती है।
AIFB की अप्रत्याशित जीत इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी बन गई है।
आने वाले महीनों में Delhi स्थानीय राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है।
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