नई दिल्ली, (27 नवंबर) — बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए चक्रवात Ditwah (डिटवाह) को लेकर मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में चेतावनी जारी कर दी है। चक्रवात का यह सिस्टम पहले एक सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र था, जो तेजी से गहराता हुआ अब अवदाब (Depression) बन चुका है और अगले 12 से 24 घंटों में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
चक्रवात Ditwah का नाम यमन द्वारा दिया गया है, जो ‘Ditwah Lagoon’ नामक प्राकृतिक स्थल से लिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र का तापमान और अनुकूल मौसम स्थिति इस सिस्टम को और मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
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Toggleकिन राज्यों पर होगा सबसे ज्यादा असर?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि यह संभावित चक्रवात तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज़ हवाएं (60–90 km/h), समुद्री तूफान और ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
सबसे प्रभावित जिले हो सकते हैं:
- चेन्नई
- नागपट्टिनम
- कडलूर
- मछलीपट्टनम
- तिरुवल्लूर
- नेल्लोर
Chakkaram update - 27th November 2025, morning. Things looking good as of now.
— Tamil Nadu Weatherman (@praddy06) November 27, 2025
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No changes in the forecast. The Chakkaram is expected to become a named cyclone and come very close to the coast between Chennai and Pondy region, whether it crosses the coast close… pic.twitter.com/cD2ZAWOa9v
मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी?
IMD ने इन इलाकों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
29 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
तटीय इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने, पेड़ गिरने और फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है।
मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए खास अलर्ट
सरकार की तैयारी
राज्य सरकारों ने संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में स्कूल बंद करने पर भी विचार किया जा रहा है। राहत एवं बचाव दल तैनात हैं और समुद्र किनारे बसे गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी की जा रही है।
चक्रवात Ditwah से संभावित नुकसान
| संभावित असर | विवरण |
|---|---|
| खेती | धान, केले, नारियल और सब्ज़ियों को भारी नुकसान |
| मकान | कच्चे मकानों और झोपड़ियों को खतरा |
| बिजली व्यवस्था | बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों को नुकसान |
| यातायात | रेल, सड़क और हवाई सेवाओं पर असर |
| समुद्री गतिविधि | नौकायन और मछली पकड़ने पर रोक |
लोगों के लिए जरूरी सावधानियाँ
- मौसम विभाग की सरकारी अपडेट पर भरोसा करें
- घर में आवश्यक सामान, दवाइयाँ, टॉर्च और पानी रखें
- तेज हवा या बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
- तटीय इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जाएँ
निष्कर्ष
चक्रवात Ditwah अभी पूरी तरह नहीं बना है, लेकिन इसकी रफ्तार और दिशा को देखते हुए यह दक्षिण भारतीय तटों के लिए खतरा बन सकता है। अगर समय रहते सावधानी बरती जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। मौसम विभाग आने वाले दिनों में इसे लेकर और अपडेट जारी करेगा।
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