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ToggleC.P Radhakrishnan बने Vice President पद के उम्मीदवार
22 जुलाई 2025 से उपराष्ट्रपति का पद खाली है। यह हमारे देश के लिए बेहद अहम पद माना जाता है। सरकार और विपक्ष – दोनों ही चाहते हैं कि इस पद पर ऐसा नेता आए, जिसके पास अनुभव हो, जो देश को एकजुट कर सके और जो समझदारी से फैसले ले सके। इसी बीच, 17 अगस्त 2025 को C.P Radhakrishnan को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार (candidate) के रूप में चुना गया है।
Jagdeep Dhankar ने कार्यकाल से पहले छोड़ा पद”
- भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 22 जुलाई को अचानक इस्तीफ़ा देकर इतिहास रच दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ दिया। यह देश के संसदीय इतिहास में तीसरी बार है जब किसी उपराष्ट्रपति ने कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस्तीफ़ा दिया हो।
धनखड़ ने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा। उनके इस्तीफ़े के बाद उपराष्ट्रपति का कार्यभार फिलहाल राज्यसभा के महासचिव को सौंपा गया है। जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक राज्यसभा की कार्यवाही की जिम्मेदारी उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह निभा रहे हैं।
धनखड़ का यह निर्णय भारतीय राजनीति में एक अभूतपूर्व घटना माना जा रहा है, क्योंकि अब तक कोई भी उपराष्ट्रपति अपनी अवधि पूरी होने से पहले पद से अलग नहीं हुआ था।
कौन हैं C.P Radhakrishnan?"
C.P Radhakrishnan भारतीय राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) से लंबे समय से जुड़े हुए हैं और पार्टी को मज़बूत करने में उनका बड़ा योगदान रहा है। C.P Radhakrishnan जन्म 4 मई 1957 को तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुआ था। बचपन से ही वे ज़मीनी स्तर पर जुड़े रहे और समाजसेवा में उनकी गहरी रुचि रही।
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से की और धीरे-धीरे बीजेपी की मुख्यधारा में सक्रिय हुए। वे दो बार (1998 और 1999) कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए और संसद में कई अहम मुद्दों को उठाया। राधाकृष्णन हमेशा अपने साफ-सुथरी छवि, सादगी और व्यवहारिक सोच के लिए जाने जाते हैं।
उनकी खासियत यह है कि वे जनता के बीच जाकर सीधे संवाद करना पसंद करते हैं। कोयंबटूर में बम धमाकों के बाद उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों में अहम भूमिका निभाई, जिसके कारण उनकी छवि और भी मज़बूत हुई। पार्टी संगठन में उन्होंने कई ज़िम्मेदारियाँ संभालीं और तमिलनाडु में बीजेपी को ज़मीनी स्तर पर फैलाने का काम किया।
17 अगस्त 2025 को उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया। अगर वे इस पद तक पहुँचते हैं, तो यह उनके दशकों की निष्ठा, परिश्रम और देश सेवा की मान्यता होगी।
C.P Radhakrishnan की कहानी यह दिखाती है कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि समाज की सेवा और एकता का माध्यम भी हो सकती है।
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